Tag: ज्योतिष
स्वागत हे आप सभी का हम सभी की की वेब साईट में—-
मित्रो, स्वागत हे आप सभी का हम सभी की की वेब साईट में----www.nidaan.merabhavishaya.in;;;www.vinayak.merabhavishaya.in;;;www.vinayakvastutimes.webs.com;;;आभार, धन्यवाद एवं शुक्रिया..उन सभी आत्माओं का जिन सभी ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसके लिए सहयोग दिया...जाहे अपना...
दुआ, गरीब की हो, आमिर ही हो, कबूल होती है |
दुआ, गरीब की हो, आमिर ही हो, कबूल होती है | खुदा सबको देता है, झोली खाली किसी की न होती है |
वजह: फरमाया आपने, ये तो न सोचा था ख्वाब में...
राशि के हिसाब से जानिए कैसे खुश करें शनिदेव को—राजेश शर्मा
राशि के हिसाब से जानिए कैसे खुश करें शनिदेव को---राजेश शर्माशनि ग्रह वैदूर्यरत्न अथवा बाणफ़ूल या अलसी के फ़ूल जैसे निर्मल रंग से जब प्रकाशित होता है,तो उस समय प्रजा के...
दूर्वा अर्पण का एकदंत से अखंड सम्बन्ध—प्रियंका शर्मा
दूर्वा अर्पण का एकदंत से अखंड सम्बन्ध---प्रियंका शर्मा
सनातन धर्म में भगवान गणेश की पूजा में महत्व रखने वाली दूर्वा यानि दूब यह एक तरह की घास है जो पूजन में प्रयोग...
जरा गौर से देखिये अंगूठा–श्रीकान्त पान्डे
जरा गौर से देखिये अंगूठा----
जरा गौर से देखिये अंगूठा (Have a careful look at your thumb) काफी पढ़े लिखे व्यक्ति को भी कई स्थानों पर अंगूठा लगाते हुए आपने देखा होगा।...
विवाह के समय निर्धारण पर ध्यान देना जरूरी है..–श्रीकान्त पान्डे
विवाह के समय निर्धारण पर ध्यान देना जरूरी है..--श्रीकान्त पान्डे
विवाह एक अदभुत संयोग होता है जिसका प्रोयोजन सिर्फ मानव के जीवन को और आनंददायक और ज्यादा खुशहाल बनाने के लिय नही...
बजरंग बाण का अमोघ विलक्षण प्रयोग—
बजरंग बाण का अमोघ विलक्षण प्रयोग---भौतिक मनोकामनाओं की पुर्ति के लिये बजरंग बाण का अमोघ विलक्षण प्रयोग अपने इष्ट कार्य की सिद्धि के लिए मंगल अथवा शनिवार का दिन चुन लें।...
शिव का प्रारूप शिवलिंग का अश्लीय व्याखान करना अनुचित है
शिव का प्रारूप शिवलिंग का अश्लीय व्याखान करना अनुचित हैआकाशं लिंगमित्याहु : पृथ्वी तस्य पितीकाआलय: सर्वदेवानाम लायानालिंग्मुच्यातेय आकाश लिंग है ,पृथ्वी उसकी पिटिका है.सब देवतौं का आलय है. इसमें सबका लय...
अपनी राशी अनुसार करें…51000 मन्त्रों का जप और देखिये शिव आराधना का चमत्कार—-
अपनी राशी अनुसार करें...51000 मन्त्रों का जप और देखिये शिव आराधना का चमत्कार----
यत्र-तत्र-सर्वत्र-शिव आराधना मुक्ति का मार्ग है। भगवान शिव सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं। अन्य देवों से शिव...
****श्री रुद्राष्टकम******
****श्री रुद्राष्टकम******
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नमामीशमीशाननिर्वाणरूपं
विभु व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपं!
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशामाकाशावासं भजेsहं!!१!!
निराकारमोंकारमूलं तुरीयं
गिरा ग्यान गोतीतमीशं गिरीशं!
करालं महाकाल कालं कृपालं
गुनागार संसार नतोsहं!!२!!
तुषाराद्री संकाश गौरं गभीरं
मनोभूत कोटिप्रभा श्री शरीरं!
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गंगा
लसद्भालबालेन्दु कंठे भुजंगा!!३!!
चलत्कुंडलं भ्रू सुनेत्रं विशालं
प्रसन्नाननं...