जीवन-यात्रा
क्या जन्मकुंडली देखकर बताया जा सकता है कि ये जन्मकुंडली स्त्री/पुरूष/पशु/पक्षी आदि किस की है ?
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क्या जन्मकुंडली देखकर बताया जा सकता है कि ये जन्मकुंडली स्त्री/पुरूष/पशु/पक्षी आदि किस की है ?---
अक्सर जब भी कोई पाठक मुझसे ज्योतिष अथवा सनातन धर्म के विषय में कोई प्रश्न करता है तो मेरा ये भरकस प्रयास रहता है कि तुरन्त ही उसके सवाल का उत्तर उसे मिल सके। प्रश्न यदि व्यक्तिगत हो तो प्राथमिकता के आधार पर उनका...
ज्योतिषी कोई भगवान तो नहीं कि आपके भाग्य को बदल डाले ...
आज सबसे पहले तो मैं अपने सभी पाठकों से एक बात कहना चाहूँगा कि इस ब्लाग को आरम्भ करने के पीछे मेरा सिर्फ एक ही उदेश्य रहा है...वो ये कि इसके माध्यम से ज्योतिष एवं संबंधित पराविद्याओं के वास्तविक स्वरूप को आमजन तक पहुँचाना तथा तथाकथित पढे लिखे...
जीवन-यात्रा
भारतीय संस्कृ्ति का महान प्रतीक चिन्ह—–स्वस्तिक(a symbol of life and preservation )—
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भारतीय संस्कृ्ति का महान प्रतीक चिन्ह-----स्वस्तिक(a symbol of life and preservation )---
स्वस्तिक ---- स्वस्तिक शब्द मूलभूत सु+अस धातु से बना हुआ है। सु का अर्थ है अच्छा, कल्याणकारी, मंगलमय और अस का अर्थ है अस्तित्व, सत्ता अर्थात कल्याण की सत्ता और उसका प्रतीक है स्वस्तिक। किसी भी मंगलकार्य के प्रारम्भ में स्वस्तिमंत्र बोलकर कार्य की...
जानिए क्या हैं हिंदू पंचांग? हिंदू पंचांग की तीन धाराएँ-----
आकाश में तारामंडल के विभिन्न रूपों में दिखाई देने वाले आकार को नक्षत्र कहते हैं। मूलतः नक्षत्र 27 माने गए हैं।
हिंदू पंचांग की उत्पत्ति वैदिक काल में ही हो चुकी थी। सूर्य को जगत की आत्मा मानकर उक्त काल में सूर्य व नक्षत्र सिद्धांत पर आधारित पंचांग होता था। वैदिक...
आज के मुहूर्त और राशिफल---07 अप्रेल ,2011====
7 अप्रैल 2011: गुरुवार, 4:08 * तक Sukla चतुर्थी, *
00:43 Krittika तक, जब तक 12:07 योग प्रीति, जब तक 15:23 करण Vanija, 4:08 * तक Vishti करण,
RahuK: * 13:40-15:10 *, GulikaK: * 9:10-10:40 *, YamaG: 6:10 * - 7:40 *,
18:38 पर सूर्योदय पर 6:08 सूर्यास्त, *,
8:10 पर Moonrise, 22:09 पर Moonset,) दिन चंद्रमा...
माँ गायत्री - एक शोध / विचार--पंडित खींवराज शर्मा (जोधपुर) ----
गायत्री के समग्र विनियोग में सविता देवता, विश्वामित्र ऋषि एवं गायत्री छन्द का उल्लेख किया गया है, परन्तु उसके वर्गीकरण में प्रत्येक अक्षर एक स्वतंत्र शक्ति बन जाता है । हर अक्षर अपने आप में एक मंत्र है । ऐसी दशा में २४ देवता, २४ ऋषि एवं २४ छन्दों...
वेदमाता गायत्री महिमा - 5
गायत्री के २४ छन्द
ऋषियों की कार्य पद्धति छन्द हैं । मोटे रूप से इसे उनकी उपासना में प्रयुक्त होने वाले मंत्रों की उच्चारण विधि-स्वर संहिता कह सकते हैं । सामवेद में मंत्र विद्या के महत्त्वपूर्ण आधार उच्चारण विधान-स्वर संकेतों का विस्तारपूर्वक विधान, निर्धारण मिलता है । प्रत्येक वेद मंत्र के साथ उदात्त-अनुदात्त-स्वरित के स्वर संकेत...
आज की माँ, अम्मा, मम्मी------
तन को सजाना व्यर्थ है तेरा,
यदि मन को नहीं सजाती ।
ब्यूटी पार्लर में जा-जा जाकर तुम,
क्यों ? मातृत्व, सतीत्व, वात्सल्य
की सूक्ष्म-शक्ति को गंवाती??
द्वारा - गुरुतत्व शिवोम् तीर्थजी।
क्या माँ, बहिन, बेटी, भाभी, बहू आदि को उपरोक्तानुसार सूक्ष्म-श्रृंगार मातृत्व, नारीत्व, वात्सल्य मिल सकता है ? कदापि नहीं । इसी के कारण घर, परिवार, समाज में ऋणात्मक-ऊर्जा का...
जीवन-यात्रा
शनि, राहु और केतु : दोस्त या दुश्मन (तीन ग्रहों की त्रिवेणी, कुछ अच्छी-कुछ बुरी)—-
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शनि, राहु और केतु : दोस्त या दुश्मन (तीन ग्रहों की त्रिवेणी, कुछ अच्छी-कुछ बुरी)----
शनि के अनुचर हैं राहु और केतु। शरीर में इनके स्थान नियुक्त हैं। सिर राहु है तो केतु धड़। यदि आपके गले सहित ऊपर सिर तक किसी भी प्रकार की गंदगी या खार जमा है तो राहु का प्रकोप आपके ऊपर मँडरा रहा है और...
लकी नंबर (भाग्यांक )से चुनिए करियर ----
मूलांक यानी आपकी डेट ऑफ बर्थ या जन्मदिन। यदि होरोस्कोप न हो तो केवल इसके द्वारा भी आप अपनी वर्किंग फील्ड के बारे में जान सकते है और मनचाही सफलता हासिल कर सकते हैं।
* यदि आप मूलांक 1 को रिप्रेजेंट करते है तो आपको डिजाइनर, टीम लीडर, फिल्म मेकिंग या नवीन इन्वेंशन...