आइये जाने वर्ष …2 के श्रेष्ठ /अच्छे मुहूर्त—


नया साल 2012 शुभ व श्रेष्ठ मुहूर्त का खजाना लेकर आया है। इस वर्ष 45 दिन खरीदारी के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त हैं। इन 45 दिनों में 21  दिन ऐसे हैं जब पुष्य नक्षत्र के अतिश्रेष्ठ मुहूर्त में आप वाहन समेत अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं। 

इसके अलावा मकर संक्रांति, वसंत पंचमी, अक्षय तृतीया, गुड़ी पड़वा, भड़ली नवमी, देवउठनी ग्यारस, धनतेरस व दीपावली आदि तीज-त्योहारों के मुहूर्त भी शुभ कार्य व खरीदारी के लिए उत्तम रहेंगे। इस वर्ष 84 दिन विवाह मुहूर्त हैं, इनमें से फरवरी माह में सर्वाधिक (15 दिन) मुहूर्त हैं। ज्योतिर्विद पंडित दयानन्द शास्त्री  ने कहा कि नया पंचांग आने के साथ ही लोग शुभ मुहूर्तों की तलाश में लग जाते हैं। खास करके शादी-विवाह के लिए अच्छे से अच्छे मुहूर्त की तलाश पण्डित जी और यजमान दोनों की रहती है। इस वर्ष 2012 में सबसे ज्यादा शादियों के मुहूर्त जनवरीफरवरी और जून माह में है। मार्च में तीन और अप्रैल में बस चार तारीखों में अच्छे मुहूर्त हैं। मई से जून के अंत में शादियों का मुहूर्त खत्म हो जायेगा। क्योंकि चर्तुमास व्रत में भगवान विष्णु शयन के लिए चले जायेगें। जो कार्तिक मास की एकादशी 24 नवम्बर 2012 को वापस होंगे। अर्थात जून के बाद नवम्बर में एकादशी को भगवान विष्णु के शयन से उठने के दिन से ही शादियों का मुहूर्त शुरू होगा और दिसम्बर में 1. तारीख को साल का अन्तिम विवाह मुर्हूत होगा।


ज्योतिर्विद पंडित दयानन्द शास्त्री  ने कहा कि नव वर्ष की शुरुआत शाकंभरी नवरात्र से होगी। इस दिन शुभ कार्य व गृहउपयोगी वस्तुओं व स्वर्ण आभूषण आदि की खरीदी करना लाभकारी होगा।  ज्योतिर्विद पंडित दयानन्द शास्त्री  ने कहा कि श्रेष्ठ मुहूर्त में नए घर में प्रवेश, भूमि, मकान, वाहन व आभूषण आदि की खरीदी करना शुभ फलदायक होगा।

21 पुष्य नक्षत्र  का नया साल ——ज्योतिर्विद पंडित दयानन्द शास्त्री  ने कहा कि  वर्ष में 21 दिन ऐसे हैं, जब पुष्य नक्षत्र रहेगा। इसमें रवि, गुरु व सोम पुष्य नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। 9, 10 जनवरी, 6, 7 फरवरी, 4, 5 व 31 मार्च, 1, 28, 20 अप्रैल, 25, 26 मई, 21, 22 जून, 19, 20 जुलाई, 15,16 अगस्त, 9, 10 अक्टूबर, 2, 3 20 व 31 दिसंबर को पुष्य नक्षत्र होगा।

क्या करें पहले दिन—-

—-साल की शुरुआत रविवार को होगी। इस दिन का स्वामी सूर्य है।  ज्योतिर्विद पंडित दयानन्द शास्त्री  ने कहा कि  इस दिन लाल, गुलाबी, पीले, केसरिया, सिंदूरी, सफेद व क्रीम रंग के वस्त्र धारण करना शुभ होगा। काले, मटमैले व भूरे रंग के वस्त्रों का उपयोग करने से बचें। इस दिन सुबह सूर्य को तांबे के पात्र में भरा जल अर्पण कर सूर्य मंत्र का जाप करें। सात्विक भोजन करें। भोजन में लाल रंग की मिठाई अथवा लाल फल शामिल करें।

——23  मार्च 2012  से नया संवत्सर (विक्रम नव संवत्सर २०६९) की शुरुआत होगी..
—-नव वर्ष का नाम विश्वासु, स्वामी राहू, :वर्ष के राजा व मंत्री दोनों पद शुक्र के पास। 

—-वर्ष लग्न कन्या होने से घी, तेल, रस पदार्थो व सौंदर्य सामग्री के भावों में तेजी। सामान्य बारिश, मनोरंजन जगत व कलाकारों को फायदा।

—-वर्ष 2012, दिन 365 और मात्र 62 विवाह मुहूर्त! जी हां, आगामी वर्ष में ऐसा ही कुछ है. चातुर्मास व मल (अधिक) मास होने के कारण इस वर्ष के चार माह-जुलाई, अगस्त, सितंबर व अक्टूबर में एक भी विवाह मुहूर्त नहीं है. मई में गुरु व शुक्रास्त के कारण शुभ मुहूर्त नहीं है. इसलिए यदि आप इस वर्ष में विवाह करने की योजना बना रहे हैं, तो अभी से अलर्ट हो जायें. कारण, लग्न के अभाव में विवाह कार्य में कई तरह की परेशानी आ सकती है.
—–वर्ष 2012 में स्कूली छात्र शादी-विवाह का मजा नहीं ले पायेंगे. कारण, मई में गुरु व शुक्रास्त के कारण शुभ कार्य नहीं होगा. इस माह में विवाह मुहूर्त का अभाव है. जून माह में मात्र सात ही मुहूर्त हैं. स्कूलों में गरमी की छुट्टी मई-जून में ही होती है. जिनके यहां विवाह होता है, वे प्रयास करते हैं कि विवाह की तिथि गरमी की छुट्टी में ही रखी जाये, ताकि अधिक से अधिक रिश्तेदार उसमें शामिल हो सकें. मगर, इस बार यह संभव नहीं होगा.
—–नवंबर में कमवर्ष 2012 में सबसे अधिक शादी-विवाह का मुहूर्त फरवरी माह में है. इसकी संख्या 19 है, जबकि सबसे कम नवंबर माह में मात्र तीन है. मार्च में 11 दिन लग्न है. इसका मतलब है कि फरवरी माह में शादी-विवाह अधिक होंगे. क्लब, होटल, केटेरर वव फ़ूल वालों की मानें तो फरवरी की बुकिंग शुरू हो गयी है. जनवरी में भी बुकिंग मिली है. उन्होंने कहा कि लग्न अभाव के कारण कार्य काफी बढ़ जाता है. कई कार्य को छोड़ना पड़ता है जिसके कारण रिश्ते खराब होते है तथा व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ता है
—–ज्योतिर्विद पंडित दयानन्द शास्त्री  ने कहा कि शादी-ब्याह करने वाले तो साल भर पहले से ही वर-कन्या की शादी के लिए अच्छे मुहूर्त की तलाश में लग जाते है। जिसके कारण हम लोगों को भी नये पंचांग के आने का बेसर्बी से इंतजार रहता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में वृहस्पति और शुक्र के अस्त होने के कारण शादियों का मुहूर्त पिछले वर्षो की तुलना में बहुत कम हैं। खास करके अप्रैल व मई में अपेक्षित तारीखें नहीं हैं। इस वर्ष जनवरी जनवरी की 15 ताराीख को संक्रान्ति बदलने के कारण जनवरी यानी माघ मास में कृष्ण पक्ष अष्टमी स्वाती नक्षत्र 16 जनवरी को पहली शादी का मुर्हूत है। जिसमें रात्रि ११:27बजे से अगले दिन 17 जनवरी को सुबह 517 बजे तक है। इसमें मृत्यु बाण हैं इसलिए इसे विवाह के लिए शुभ नहीं मानते हैं। इस माह18, 20, 22, 27 व 28 जनवरी 2012 को शादी के शुभ मुर्हूत हैं। 28 जनवरी को बसंत पंचमीतक्षक पूजा और कई महत्वपूर्ण पर्वों के साथ रतिकाम महोत्सव का दिन है। यह दिन बडे ही संयोग से विवाह मुहूर्त के लिए मिलता है। इसी तरह फरवरी माह में  2, 3, 8, 10, 11, 13 व 14 को विवाह के मुर्हूत हैं। इसमें 02 फरवरी को रात 920 से मृत्युबाण लगेगा। 10 फरवरी को भद्रा मृत्युलोक में रहेगा,जिसका समय दिन में 11:57 से रात्रि ११:बजे तक ही रहेगाइस समय के बाद विवाह हो सकते हैं। 13 व 15 फरवरी को भद्रा पाताल में है इसलिए यह तिथि शुभ है। 16, 18, 24, 25 फरवरी को भद्रा मृत्युलोक में है इसलिए यह तारीख विवाह के लिए आंशिक है जबकि29 फरवरी की तारीख पूर्ण रूप से विवाह योग्य है। मार्च माह में 10, 11 व 13 की तारीखों में ही विवाह है।
—–ज्योतिर्विद पंडित दयानन्द शास्त्री  ने कहा कि अप्रैल मास में मात्र चार तारीखें 18, 19, 24 व 25 है। 30 अप्रैल को वृहस्पति अस्त होने के कारण विवाह के मुहूर्त नहीं हैं। जो30 मई को उदय होगा किन्तु 02 जून को पुन: शुक्र अस्त हो जायेगा तो वह 10 जून को उदय होगा। जिसके बाद 17, 18 व 29 जून को विवाह के अच्छे शुभ मुर्हूत हैंजबकि 24 को अगले दिन सुबह ४:25 बजे तक ही विवाह है। 25, 26 को आंशिक समय में मुर्हूत हैं। 27व 28 को रात्रि 12 बजे के बाद विवाह मुहूर्त हैं। 30 जून को भगवान विष्णु शयन पर चले जायेंगेजिससे चार मास बाद नवम्बर माह की एकादशी 24 नवम्बर को भगवान विष्णु के उठने के साथ ही विवाह के मुहूर्त शुरू हो जायेंगे। 28, 29 नवम्बर के बाद दिसम्बर मास में 4, 5 दिसम्बर को भद्रा व्याप्त होने के कारण आंशिक विवाह के मुर्हूत हैं। दिसम्बर को पूरी रात और दिन विवाह है वहीं दिसम्बर को रात्रि दो बजे तक ही मुहूर्त है। 11 दिसम्बर को भद्रा व्याप्त होने के साथ ही आंशिक समय के लिए विवाह है। 13 दिसम्बर को इस वर्ष का अन्तिम विवाह मुहूर्त है। खरमास के कारण इस मास आगे विवाह नहीं है।

 

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