—–कृपया ध्यान देवें..अति महत्त्व पूर्ण सूचना ——!!!!–———


**श्राद्ध विघ्ने पुन: श्राद्धम**

 

जिन लोगों ने आज [१२-९-२०११] को पूर्णमासी का श्राद्ध किया है, उनके श्राद्ध में विघ्न आ गया है—-
क्योंकि जो पूर्णमासी का श्राद्ध था, वह तो ११-९-२०११ को था, जो आज [१२-९-२०११] श्राद्ध कर रहे हैं या जिन्होंने किया है वह सब शास्त्र विरुद्ध है——-
अब ऐसे में क्या किया जाये या करना चाहिये ?—
इसका उत्तर यह है कि अब इसकी शुद्धि के लिये, अर्थात आये विघ्न के लिये पुन: श्राद्ध करना होगा——
और यह श्राद्ध २७-९-२०१२ होगा! वैसे कई प्रकार के शास्त्र में श्राद्ध विघ्न कहे गये हैं! विघ्न आने पर पुन: श्राद्ध करने को शास्त्र में कहा गया है! प्रतिपदा का श्राद्ध १३-९-२०११ को है और इसी दिन से श्राद्ध पक्ष शुरू हो रहा है! ——————–
श्राद्ध–निर्णय ——————— ——
पूर्णिमा का श्राद्ध—– तिथि———-निर्णय——- —–
एकादशी का श्राद्ध तिथि समय—— निर्णय——- 
कई पंडितजन, मंदिरों में बैठे पंडित वा ज्योतिषी पूर्णिमा का श्राद्ध १२-९-२००११ को कह रहे हैं! 
क्या यह शुद्ध तिथि है? 
पूर्णिमा श्राद्ध निर्णय—— यह पार्वण श्राद्ध है, अत: इसे अपराहणव्यापिनी भाद्र पूर्णिमा में किया जाता है! 
यदि दोनों दिन पूर्णिमा अपराहणव्यापिनी हो तो जिस दिन अपराहण को यह अधिक व्याप्त करे, उस दिन यह श्राद्ध किया जाता है! 
इस वर्ष यही स्थिति है! पूर्णिमा ११ और १२ सितम्बर –दोनों दिन अपराहण को प्राप्त करती है! 
यह ११ सितम्बर २०११ ई. को अपराहण को आधिवयेन व्याप्त कर रही है, 
अत: शास्त्रानुसार यह श्राद्ध ११ सितम्बर को ही किया जायगा! 
१ तिथि को —प्रतिपदा का श्राद्ध, [ मंगलवार] 
१३-९-२०११ २ तिथि को—द्वितीया का श्राध, [ बुधवार] 
१४-९-२०११ ३ तिथि को —तृतीया का श्राद्ध, [गुरूवार] 
१५-९-२०११ ४ तिथि को—चतुर्थी श्राद्ध, [शुक्रवार] 
१६-९-२०११ ५ तिथि को–पंचमी का श्राद्ध, [ शनिवार] 
१७-९-२०११ ६ तिथि को — षष्टि का श्राद्ध, [रविवार]
१८-९-२०११ ७ तिथि को –सप्तमी का श्राद्ध, [ सोमवार] 
१९-९-२०११ ७ तिथि को –अष्टमी का श्राद्ध [ मंगलवार ] 
२०-९-२०११ ८ तिथि को–नवमी का श्राद्ध, [बुधवार] 
२१-९-२०११ ९ तिथि को–दशमी का श्राद्ध, [ गरुवार] 
२२-९-२०११ १० तिथि को –एकादशी का श्राद्ध, [ शुक्रवार] 
२३-९-२०११ ११ तिथि को —- क्षय तिथि ,………… 
१२ तिथि को —द्वादशी का श्राद्ध, [ शनिवार] 
२४-९-२०११ १३ तिथि को –त्रयोदशी का श्राद, [रविवार] 
२५-९-२०११ १४ तिथि को—शस्त्र, विषादिसे मृतों [अपमृत्यु वालों] का श्राद्ध, [सोमवार] 
२६-९-२०११ ३०–तिथि को–सर्व पितृ श्राद्ध, अज्ञात मृत्यु तिथि, चतुर्दशी, अमावस एवं पूर्णिमा मृत्यु तिथि वालों का श्राद्ध! [ मंगलवार] इस दिन भौमवती महालय अमा. २७-९-२०११ श्राद्ध समाप्त! यदि कोई लिखने में मुझ से गलती हो क्षमा करना!

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