आप भी कर सकते हैं असंभव को संभव – चाहिए बड़ी कामयाबी तो जोखिम उठाइए=====

इस बात को कोई नकार नहीं सकता कि ‘असंभव’ शब्द केवल शब्दकोश में पाया जाता है, वास्तविक जीवन में इसका कोई मतलब नहीं होता। कभी-कभी किसी व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है कि यह दिया गया कार्य उसके बूते से बाहर की बात है, लेकिन वही कार्य वह किसी दूसरे समय में जाकर आसानी से पूरा कर लेता है। यह इस बात की ओर इंगित करता है कि हमारी जरूरत और ईमानदारी से की गई कोशिश ने असंभव को संभव में बदल दिया। जिंदगी में इच्छा का होना ऐसा बल है जो हमें किसी भी चीज को हासिल करने में मदद करता है। केवल उस चीज की इच्छा का होना ही काफी नहीं, उसे पाने का जुनून हमारे भीतर होना चाहिए। हम जब कुछ पाना चाहते हैं, लेकिन उसमें सफल नहीं होते तो असफलता के लिए कई सारे बहाने ढूंढ निकालते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि हम अपनी असफलता का विश्लेषण करने में अक्षम हैं और विजेता की कोशिशों का सम्मान करते हैं। केवल यही नहीं, हम इसके लिए अपने भाग्य को भी कोसने से नहीं चूकते, परंतु हम यह भूल जाते हैं कि भाग्य और नियति उन्हीं की मदद करते हैं जिनमें कुछ करने की इच्छा है। ‘मेट्रो मैन’ के तौर पर पहचाने जाने वाले ई. श्रीधरन महज एक दिन, महीना या साल में इतनी बड़ी शख्सियत नहीं बने हैं। बल्कि ‘कोंकण रेल परियोजना’ के मास्टर माइंड यही हैं और इसके पूरा होने तक वह इसके साथ निष्ठा से जुड़े रहे थे। इसे उन्होंने एक चुनौती के रूप में लिया। उन्हें खुद को साबित करने का एक अवसर मिला था, जिसका उन्होंने बेहतर सदुपयोग किया। आपको यह याद होना चाहिए कि रेलवे के पास लाखों इंजीनियर हैं, लेकिन श्रीधरन ने खुद को औरों से अलग साबित किया। मौका मिलने पर आपको कुछ कर दिखाना होगा। श्रीधरन ने कोंकण रेलवे प्रोजेक्ट पर ही अपनी दक्षता नहीं साबित की, बल्कि इससे पहले भी वह जिस पद पर थे, उसे उन्होंने निष्ठा से निभाया था। आपको किसी चमत्कार का इंतजार करने की बजाय परिस्थितियों को अपने अनुकूल बनाना होगा। ज्यादातर लोगों की सोच होती है कि वर्तमान में जो करने के लिए उनके सामने है, वह उनकी इच्छा और योग्यताओं के मुताबिक नहीं है और वह कुछ विशेष होने का इंतजार करते हैं, लेकिन वह दिन कभी नहीं आता। हमें बचपन से ही यह बताया गया है कि जीवन गुलाब के फूलों की सेज नहीं है। मुझे आज तक इस मुहावरे का मतलब समझ में नहीं आया, क्योंकि मैंने एक प्राइमरी स्कूल के शिक्षक से अपने कॅरियर की शुरुआत की और आज मैं एक नहीं, तकरीबन .5-16 बड़े संगठनों को एक साथ संचालित कर रहा हूं। जब मैं प्राइमरी शिक्षक था, तब भी लोग मुझे जानते थे और आज भी। बस फर्क पड़ा है तो महज इतना कि मुझे जानने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है। मैं जहां भी होता हूं, सर्वोत्तम करने की चाहत रखता हूं। दूसरों के संदर्भ में आपको अपनी परिस्थिति में फर्क पैदा करना होगा, तब चीजें बेहतर होंगी। इसके लिए आप समय का इंतजार नहीं कर सकते, क्योंकि जिंदगी आपको ज्यादा समय नहीं देगी।
जब आप कुछ पाना शुरू कर देंगे तो आपको महसूस होगा कि आपने जिंदगी का बहुत सारा कीमती वक्त गंवा दिया, लेकिन तब पछताने के सिवा कुछ नहीं किया जा सकता। एक सफल व्यक्ति और सामान्य व्यक्ति के बीच जो फर्क है वह शक्ति और ज्ञान का नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति का होता है। अगर आप विजेता बनना चाहते हैं तो कहीं से भी बस शुरुआत भर करने की जरूरत है। आपको यह नहीं भूलना चाहिए कि जो लोग कुछ करते रहते हैं, वे स्वयं क्रियाशीलता से जिंदगी को पूर्ण आनंद के साथ जीते हैं। जहां से भी आपको उचित लगता हो, शुरू कर दीजिए और किसी इंतजार में मत रहिए कि अवसर मिलेगा, तब काम शुरू करेंगे। एक बार आपने सर्वोत्तम देना शुरू किया तो, सच मानिए कि आपकी चाहत आप से दूर नहीं। जिंदगी में उन्हीं को इनाम मिलता है जो अपना कार्य खुद करते हुए स्वयं पर यकीन करते हैं। कई बार ऐसा होता है कि आपसे कमतर लोग आपसे आगे बढ़ जाते हैं, इससे दु:खी होने की जरूरत नहीं। बिना योग्यता और पूर्ण दक्षता के वे बहुत आगे तक नहीं जा सकते और अगर वे जाते हैं तो इसका मतलब है कि उनमें योग्यता है। आपको इन सब में नहीं उलझना चाहिए और बेहतर तरीके से अपना काम निबटाना चाहिए, जो आपको सफलता की ओर ले जाएगा। न्यूटन की गति के द्वितीय नियम को याद कीजिए, बिना किसी बाहरी बल के कोई वस्तु इधर-उधर नहीं हो सकती है। बाहरी बल लगाने पर कोई वस्तु क्रियाशील होती है, पर वह बल लगाना खत्म होने पर फिर से अपनी जगह वापस हो जाता है। ऐसा जड़त्व की वजह से होता है। हमारी जिंदगी में भी जड़त्व समा चुका है जो हमें आगे बढ़ने से रोकता है। अपने मूल्य को आप पहचानें, केवल खुद को जानिए और बाकी सब चीजों को भुला दीजिए। जिंदगी वास्तव में फूलों की सेज है, लेकिन इसके लिए गुलाब आपको खुद ही चुनने होंगे। संभवत: गुलाब के फूल को तोड़ते वक्त आपको उसका कांटा चुभ सकता है और खून भी निकल सकता है, लेकिन वह अस्थायी होगा और फूलों की सेज पर सोना उससे ज्यादा आनंददायक होगा। जिस तरह फूल चुनने में आप कांटों का सामना करते हैं, उसी तरह से जिंदगी में आने वाली मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। भौतिक सुख देने वाले साधन अस्थायी होते हैं, इसलिए हमेशा ऐसे साधनों की तलाश कीजिए जो आपको विजेता बना सकें। मेरा विश्वास है कि अगर आप जिंदगी में आने वाली मुश्किलों से निबटते जाएंगे तो आप मजबूत बनेंगे और विजय की ओर अग्रसर होंगे। ये मुश्किलें आपके जीवन का स्वाद भी बदलेंगी।
हमेशा सफलता पाने की योजना बनाइए और इन गुरुमंत्रों को दिल की गहराइयों में उतारिए :
* समाज आपको बताता है कि आप क्या हैं? लेकिन ज्ञान आपको बताता है कि आपको कैसा होना चाहिए?
* दुनिया में अब तक जितने भी बड़े लोग हुए हैं, वे सब भाग्य से नहीं, अपनी कोशिश, संघर्ष और योजनाओं से बड़े बने हैं।
* असफलताओं से निराश होने वाले व्यक्ति कायर होते हैं, क्योंकि असफलताएं ही सफलता प्राप्त करने का रास्ता बताती हैं।
* योग्यता, आत्मविश्वास, साहस, सार्थक संवाद, कठिन परिश्रम और काम के प्रति समर्पण, सफलता का सबसे प्रचलित फार्मूला है, जिसके द्वारा दुनिया के करोड़ों लोग सफलता प्राप्त कर चुके हैं।
* अपने अंदर आत्मविश्वास रखें कि आप दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण इंसान हैं। फिर पीछे मुड़कर मत देखें, हंसते हुए जीवन गुजारें, क्योंकि हृदय की विशालता से ही सफलता की नींव पड़ती है।
* सफल लोग खतरों की परवाह किए बिना भीड़ को चीरकर आगे निकल जाते हैं, क्योंकि उन्हें वह भीड़ दिखाई नहीं देती, सिर्फ लक्ष्य ही नजर आता है।
* एक आइडिया किसी को अमीर बना देता है, तो किसी को खाक में मिला देता है, जबकि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितना पुराना है? बस आपको उस आइडिए को पेश करने का तरीका आना चाहिए।
* समस्या के अंदर ही समाधान छिपा होता है। इसलिए समस्या के बारे में रचनात्मक तरीके से सोचिए, फिर समाधान आपको खुद ही नजर आ जाएगा।
* पैसा आपका चोरी हो सकता है। सेहत और ताकत आपका साथ छोड़ सकती है, लेकिन जो आप पुस्तकों के अध्ययन से सीखते हैं वह हमेशा आपके साथ रहता है।
* साधारण लोग छोटी-छोटी परेशानियों में उलझ कर पूरा जीवन बर्बाद कर लेते हैं, जबकि अमीर लोग उन परेशानियों को एक मुस्कान में ही हल कर देते हैं।
* ईश्वर ने जब ब्रह्मांड की रचना की थी, तब समस्याएं जानबूझ कर छोड़ी गई थीं, ताकि मनुष्य शारीरिक रूप से मजबूत रहे और जीवन में आने वाले हर मुश्किल का मुकाबला डट कर करे।
हमेशा प्रगति के बारे में सोचिए और इन गुरुमंत्रों को बार-बार दोहराइए :
* यह मत सोचिए कि देश की अर्थव्यवस्था कब समृद्ध होगी, बल्कि यह सोचिए कि आप की अपनी अर्थव्यवस्था कैसे समृद्ध होगी?
* सफलता हमेशा असफलताओं के बाद ही मिलती है, क्योंकि सफलता का रास्ता असफलताओं के बीच से ही होकर गुजरता है।
* यदि आपके पास एक पेन और एक सपना है, तब आप पूरी दुनिया को जीत सकते हैं, क्योंकि बड़ा आदमी बनने के लिए सिर्फ इन दो ही चीजों की जरूरत होती है-लक्ष्य और जुनून।
* जब आपका मन प्रसन्न होता है, तब आपके अंदर ऊर्जा का उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है, जिसे आप सही दिशा में प्रयोग करके अधिक सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
* जिन्हें लगता है कि वह सफल हो सकते हैं और जो ये सोचते हैं कि वे सफल नहीं होंगे, वे दोनों ही सही हैं। क्योंकि मन में जो विचार ज्यादा प्रभावशाली होंगे, वही आपकी सोच को निर्धारित करेंगे।
* आपको सफलता नहीं मिलती, क्योंकि आप सफलता नहीं मांगते। आप मांगते हो, फिर भी नहीं मिलता, क्योंकि तुम श्रद्धा से नहीं मांगते। लेकिन यदि आपके भीतर राई के दाने के बराबर भी विश्वास है, तो आप किसी पर्वत से कहिए कि यहां से खिसक जाओ, तब वह अवश्य खिसक जाएगा।
* जीवन की तमाम विफलताएं आपको आपकी वास्तविक योग्यता और क्षमता का आभास कराती है और फिर वही विफलताएं आपको सफलता का रास्ता दिखाती हैं।
*जोखिम उठाए बिना आप जीवन में कभी कोई बड़ी कामयाबी हासिल नहीं कर सकते, क्योंकि अंग्रेजी में एक कहावत है, नो रिस्क नो रिवार्ड।
* फूलों की महक सिर्फ उसी दिशा में फैलती है, जिधर हवा का रुख होता है, लेकिन व्यक्ति की उन्नति के चर्चे पूरे विश्व में फैलते हैं।
* जागने के बाद कचरा, कूड़ा-करकट चित्त से गिरना शुरू हो जाता है। फिर चित्त निर्मल होता चला जाता है और जब चित्त निर्मल हो जाता है, तब चित्त दर्पण बन जाता है

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