मेरी जिज्ञासा —
मित्रो…आजकल अनेक व्यक्ति ट्रेडिंग और शेयर मार्केट का काम करते हें…सोना-चांदी,अन्य धातु,क्रूड,सोयाबीन..और भी अन्य कई वास्तु/चीजें…
क्या आप में से कोई मुझे ये समझा /बता सकता हें ही इस सभी में शनि और चन्द्रमा की क्या भूमिका होती हें.???
क्या भाव/रेट बढ़ने में शनि देव की भूमिका होती हें एवं देव गुरु वृहस्पति के कारण भाव/रेट क्म होते ( घटते) हें???
क्या शनि का गोचर और राशी परिवर्तन ( .5 -11 -..11 ) इस बार भी अपना असर/प्रभाव देगा..???
उदाहरण– जेसे की विश्वव्यापी मंदी के बावजूद भी 06 मार्च,2008 को चांदी और अन्य धातु के भाव बढे थे..चांदी रुपये 28000 /- से ऊपर/पर हो गयी थी एवं 24 -10 -2008 को चांदी रुपये 15800 से भी क्म हो गयी थी..?? क्यों..?? क्या वजह/कारण था.???
इसी वर्ष 28 मार्च,2011 को चांदी रुपये 75000 /- के लगभग हो गयी थी..???क्यों..???कारण क्या था..?? उस समय का पञ्च ग्रही योग तो नहीं था इसके पीछे..???
और आज कल यही चांदी 55000 /- के आस पास चल रही हें..?? तो क्या होगा 15 नवम्बर,2011 को/उसके बाद..???

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