नमस्कार मित्रो, में आज ही नाथद्वारा सम्मलेन से आया हूँ…
मेरे फेसबुक और ऑरकुट फ्रेंड्स के साथ-साथ उन सभी विद्वानों एवं विदुषियों का आभार….धन्यवाद..शुक्रिया जो मेरे निवेदन / आग्रह पर इस सम्मलेन में मेरा इमेल/ एस.एम्.एस. फोन पर प्राप्त कर इस आयोजन में शामिल हुए…
यदि किसी के मन -सम्मान को thes लगी हो, व्यवस्था में कोई कमी रही ह तो क्षमा करेंगे..
इतने बड़े-विशाल आयोजन में संभव हे कोई कमी/ त्रिती..रह गयी हो…अपना मित्र/ अनुज समझते हुए मुझे क्षमा करेंगे…हो सकता हे किसी को बोलने का अवसर न मिला हो…किसी को कोई बात ठीक न लगी हो या किसी को मन-सम्मान उसके अनुरूप नहीं मिल पाया हो तो..क्षमा कीजियेगा…
आप सभी अपने -अपने अनुभव हमारे साथ बांटें..ताकि अगले कार्यक्रम में उस कमी को दूर किया जा सके …..आवास/ भोजन/परिवहन/ की व्यवस्था तो ठीक थी…
आप सभी ने भगवन श्रीनाथ जी के दर्शन भी ठीक से किये होंगे..न…..मुझे लगता हे की आप में से कुछ लोग हल्दी घंटी/ कनाकरोली मंदिर -एकलिंग जी के दर्शन जरुर किये होंगे…में तो इन सभी से वंचित रह गया..भाग-दोड़ के कारण…
फिर मेरा मोबाईल ख़राब होने के कारण भी .. मई से कई लोग/मित्र बात नहीं कर पायें हे न…
श्री पवन गोयल जी(श्री ganganagar )–098 का भी धन्यवाद/ आभार जिनके कारण में इस विशाल कार्यक्रम का एक सूत्रधार/ माध्यम बन सका.. पंडित श्री अखिलेश जी शर्मा का भी विशेष धन्यवाद/आभार ..मुझे यह सु-अवसर प्रदान करने के लिए….
उनके सभी मित्रो-सहयोगियों (भारतीय प्राच्य ज्योतिष शोध संस्थान वाले) एवं सभी परिजनों का भी धन्यवाद/ आभार/ शुक्रिया..
जिनके अमूल्य-अतुलनीय-सहयोग से में इस कार्य को ठीक तरह से अंजाम तक पहुंचा सका…
पुनः आप सभी कभी धन्यवाद….आप सभी के आशीर्वाद/ प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी…
मेरे फेसबुक मित्र जो इस आयोजन में शामिल हुए…
०१.–सुनील शर्मा”सिटोला ” -काठमांडू -नेपाल..
०२.—लक्ष्मी नारायण व्यास-बांसवाडा..
०३.—विकास नागपाल—करनाल….
०४.–दिव्या(विद्या) दुबे–इन्दोर…
०५…—लखीमचंद चोधरी –भोपाल..
०६..—-प्रभुलाल वोरीया-गुजरात..
०७..–पंडित गोरव शर्मा–उदयपुर…-
और भी कई मित्र आये थे ने..ध्यान ही नहीं रहा…..!!!!!!!
सभी स्वर्ण एवं रजत पदक विजेताओं को भी बधाइयाँ–शुभकामनायें—

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