***क्या हम जानते हैं?********
$$$$$$$$$$$$ ज्योतिष##########?
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भारतीय ज्योतिष में लग्न और चन्द्र कुण्डली को लेकर ज्योतिषी ज्योतिष करते हैं! और इनके साथ षोडश कुंडलियों का विचार करते हैं! यहाँ तक सब ठीक है! अब प्रश्न यह है कि क्या हम गोचर के ग्रहों का प्रयोग कुण्डली में कैसे किया जाता है, यह पूर्ण रूप से जानते हैं? सभी ज्योतिषी लग्नानुसार और चन्द्र लग्नानुसार ही गोचर के ग्रहों को लेकर फल कहते हैं और इसी सिद्धांत को ही पूर्ण मानते हैं! हमारे ऋषियों ने इस के साथ ओर भी कुछ कहा है! इसके लिए एक गुप्त सिद्धांत भी कहा, जो अपने आप में एक रहस्य है! क्या वह सिद्धांत आप जानते हैं? जिसके न प्रयोग करने पर गोचर ग्रह फल न्याय-असंगत हो जाता है!
१–क्या ज्योतिषी लोग ग्रह परिवर्तन के समय कौन सा लग्न और भाव उदय होगा, यह जानते हैं?
२–उस लग्न और भाव को कैसे जाना जाता है?
३–जीव की जन्म-कुण्डली में ग्रह परिवर्तन [गोचर] का प्रयोग व् फल कैसे जाना जाता है?
४–कौन सा भाव उदय होगा और उसके विशेष फल को कैसे जान पायेंगे?
५–महाभाव-दशा क्या होती है, तथा महादशा कितने प्रकार की और इसके कितने भेद हैं?
६–स्पष्ट भाव और लग्न क्या होगा? {इस को जानने का सिद्धांत}

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