–वादा/वचन—(THE PROMISE )…
==पाठकों से एक विनम्र निवेदन –प्यार केवल शारीरिक सुख/तन कि प्यास बुझाना ही नहीं होता हें..इसके अनेक रूप होते हें..)
—(पंडित “विशाल” दयानन्द शास्त्री, मोब.–.9669.90067)
वादा किया है तो निभाना भी होगा.!
मुहब्बत में सितम उठाना होगा.!!
प्यार में इम्तहान की हद नहीं होती.!
हर कदम दुनियाँ को दिखाना होगा.!!
कैसे कहूँ तेरे खवाब नहीं आते.!
हक़ीक़त में तुझे पाना भी होगा.!!
तुझसे किया कोई वादा अधूरा ना रहे.!
साँसों संग ये वादा करना ही होगा.!!
कसम खाई है उमर साथ बसर करनेकी.!
तुझ को अपनी दुल्हन बनाना ही होगा.!!

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